कुमार गंधर्व की 100वीं जयंती: भारतीय संगीत को ‘निर्भय-निर्गुण’ बनाने वाले गायक

”मुझे नहीं पता कि तानसेन कैसा गाते थे. उनके बारे में जो कुछ भी कहा जाता हो लेकिन अगर मैं कहूं कि कुमार गंधर्व आधुनिक समय के सर्वश्रेष्ठ गायक हैं, तो यह अतिशयोक्ति नहीं है.”

मशहूर लेखक एवं संगीतकार पीएल देशपांडे अपने एक संबोधन में कुमार गंधर्व का ज़िक्र करते हुए ऐसा ही कहते हैं.

पीएल देशपांडे आरती प्रभु के उस बयान का ज़िक्र भी करते हैं जिसमें उन्होंने कुमार गंधर्व के बारे में कहा था, ”वे केवल गाते नहीं थे, बल्कि सुरों को सुनते भी थे.”

दरअसल कुमार गंधर्व जब गाना शुरू करते थे तो लगता है कि ये गीत उनके अंतर्मन की आवाज़ है.

भारतीय संगीत, विशेषकर शास्त्रीय संगीत को पसंद करने वाला लगभग हर शख़्स कुमार गंधर्व के गायन से मंत्रमुग्ध हो जाता है.

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